चंडीगढ़ , जून 16 -- पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष हरचंद सिंह बरस्ट की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में बताया गया कि विधानसभा क्षेत्र समाना के गांव ददहेड़ा की ग्राम पंचायत ने मंडी निर्माण के लिए 18 किले भूमि नि:शुल्क प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस नयी मंडी के निर्माण से क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी तथा रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। इस अवसर पर गांव ददहेड़ा के सरपंच गुरजीत सिंह सहित पंचायत सदस्यों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

श्री बरस्ट ने बताया कि समाना क्षेत्र के गांव महिमदपुर (पटियाला) में ग्राम पंचायत द्वारा नि:शुल्क दी गयी 19 एकड़ छह कनाल 13 मरला भूमि पर सब-यार्ड स्थापित किया गया है, जिसे आलू मंडी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा 44,597 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों का लगभग 13,339 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत, आधुनिकीकरण और उन्नयन किया जा रहा है। इसके अलावा 13,865 किलोमीटर लंबी लिंक सड़कों पर 132.65 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सुरक्षा सुविधाएं स्थापित की गयी हैं। राज्य के गांवों में 280 किलोमीटर लंबी फिरनियों का 235 करोड़ रुपये की लागत से सीमेंट-कंक्रीट से आधुनिकीकरण किया जा चुका है।

46 जर्जर एवं संकरे पुलों को 20 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया गया है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य की 664 मंडियों में 197 करोड़ रुपये की लागत से कवर शेड बनाये गये हैं, जबकि 36 मंडियों में 24.40 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पैनल लगाये जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 455.84 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न मंडियों की आंतरिक सड़कों, फड़ों और शेडों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। किसानों की सुविधा के लिए बुढ़लाडा में 34 करोड़ रुपये की लागत से 51.01 एकड़ क्षेत्र में तथा अर्नीवाला में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से 12 एकड़ भूमि पर नयी अनाज मंडियां स्थापित की गयी हैं।

उन्होंने बताया कि पंजाब मंडी बोर्ड ने आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक किसानों को लगभग एक करोड़ जे-फॉर्म व्हाट्सएप और डिजिलॉकर के माध्यम से भेजे हैं। इस अभिनव पहल के लिए मंडी बोर्ड को राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर 37 परिवारों के सदस्यों को रोजगार दिया गया है, जबकि सीधी भर्ती के माध्यम से 42 जूनियर इंजीनियर नियुक्त किये गये हैं। इसके अलावा पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन से 39 क्लर्कों को मंडी बोर्ड में समायोजित किया गया है। वर्ष 2025 में मंडी मजदूरों की मजदूरी में 10 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि भी की गयी।

श्री बरस्ट ने बताया कि मंडियों में खाली पड़े भूखंडों की ई-नीलामी के माध्यम से वर्ष 2022 से अब तक 630 करोड़ रुपये मूल्य के 1,661 प्लॉट बेचे जा चुके हैं। वर्ष 2022-23 में मूंग की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शुरू की गयी थी, तथा खरीफ सीजन 2025 के दौरान छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत मक्के की खरीद भी एमएसपी पर प्रारंभ की गयी।

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