दतिया , जुलाई 11 -- मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के विरोध प्रदर्शन ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, धारा 163 के तहत बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
प्रदर्शन के दौरान देर रात और शनिवार तड़के विभिन्न स्थानों पर पथराव, चक्काजाम और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं सामने आईं। पथराव में पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दतिया स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। बताया गया कि कार्यालय परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को कुछ समय तक वहीं रोका गया, जबकि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
वही भाजपा सूत्रों के अनुसार, टिकट वितरण से नाराज जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं समर्थकों का दावा है कि कुछ पार्षदों ने भी विरोधस्वरूप इस्तीफे सौंपे हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा ने शुक्रवार को दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया था। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी टिकट के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे और उन्होंने नामांकन की तैयारी भी कर ली थी। उम्मीदवार की घोषणा के बाद उनके समर्थकों का विरोध लगातार जारी है।
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