चेन्नई , जुलाई 15 -- दक्षिण भारत में कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून 17 जुलाई के बाद फिर से सक्रिय हो सकता है।
मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि इसके साथ ही केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी जिससे लोगों को भीषण गर्मी से भी राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, भूमध्य रेखा के पार से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कमजोर रहने, अरब सागर के ऊपर सामान्य से कमजोर निम्न-स्तरीय जेट (सोमाली जेट) तथा अल नीनो की विकसित होती परिस्थितियों के कारण दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में मानसून कमजोर पड़ा है। इसके कारण अरब सागर से नमी का प्रवाह कम हुआ और केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
विभाग ने कहा कि कमजोर मानसूनी परिसंचरण और अल नीनो के प्रभाव से बादल बनने की प्रक्रिया भी सीमित रही, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में आसमान साफ रहा और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। इसी कारण चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों के लिए लू की चेतावनी जारी की है।
भारतीय मौसम विभाग के जीएफएस मॉडल के अनुसार, 850 हेक्टोपास्कल स्तर पर निम्न-स्तरीय जेट शुक्रवार के आसपास फिर मजबूत होने लगेगा। इससे अरब सागर से नमी का प्रवाह बढ़ेगा और दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे फिर सक्रिय होगा।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर से सक्रिया होने पर 17 जुलाई के बाद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में बारशि होने का अनुमान है। बादल छाये रहने और बारिश होने से अधिकतम तापमान में भी धीरे-धीरे गिरावट आयेगी तथा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में जारी लू की स्थिति सप्ताह के दूसरे भाग में कम होने लगेगी।
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