पटना , मई 09 -- बिहार के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित जमुई और बांका जैसे पूर्व नक्सल प्रभावित एवं पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से सड़क संपर्क मजबूत किये जाने से विकास को नई रफ्तार मिली है। ग्रामीण कार्य विभाग के अनुसार, दशकों तक पक्की सड़कों के अभाव में विकास की मुख्यधारा से कटे रहे इन दुर्गम इलाकों में अब बारहमासी पक्की सड़कों का मजबूत नेटवर्क तैयार हो चुका है। इससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
विभाग ने बताया कि सड़क निर्माण केवल आधारभूत सुविधा नहीं, बल्कि सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक इन क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच सीमित रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते थे। ऐसे में योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण सड़कों का विस्तार कर इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना बड़ी उपलब्धि है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के अंतर्गत बांका जिले में 1,000 किलोमीटर तथा जमुई जिले में 495 किलोमीटर पक्की सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त जो सुदूर टोले और बसावटें अब तक संपर्कता से वंचित रह गई थीं, उन्हें मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (अवशेष) के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इस क्रम में बांका में 144 किलोमीटर तथा जमुई में 125 किलोमीटर लंबी पक्की सड़कों का निर्माण कर अंतिम बसावट तक पहुँच सुनिश्चित की गई है।
इन सुदृढ़ सड़कों के निर्माण से जंगलों और पहाड़ियों की तलहटी में बसे गांवों तक अब पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा संस्थानों की पहुँच निर्बाध हो गई है। आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता ने ग्रामीण जीवन को अधिक सुरक्षित बनाया है, वहीं कानून-व्यवस्था की स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
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