सोल , जुलाई 23 -- दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने गुरुवार को मनीला में हुई एक सुरक्षा बैठक में उत्तर कोरिया से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया को दक्षिण कोरिया के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए और कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता कायम करने के प्रयासों में साथ आना चाहिए।
विदेश मंत्री ने यह बात 'आसियान क्षेत्रीय मंच' (एआरएफ) की बैठक में कही। इस मंच में 27 देश शामिल हैं, जिनमें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (आसियान) के 11 सदस्यों के अलावा अमेरिका, चीन, जापान और रूस जैसी बड़ी शक्तियां भी मौजूद हैं।
इस सुरक्षा मंच में दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया दोनों शामिल हैं। लेकिन उत्तर कोरिया इस साल लगातार दूसरी बार इस बैठक में हिस्सा लेने नहीं आया।
श्री चो ने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और विकास के लिए बेहद ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया एक ऐसा माहौल बनाना चाहता है जहाँ दोनों देश शांति से साथ रह सकें और तरक्की कर सकें।
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के अनुसार श्री चो ने कहा कि सिर्फ एक तरफ की कोशिशों से शांति नहीं आ सकती। उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर कोरिया उनके बातचीत और सहयोग के प्रस्ताव का सही जवाब देगा।
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह सुरक्षा मंच कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बनाए रखने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक में शामिल कई देशों ने उत्तर कोरिया द्वारा लगातार बनाए जा रहे परमाणु हथियारों और मिसाइलों पर चिंता जताई। सभी ने जोर दिया कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त किया जाना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
श्री चो ने इस बैठक में तय किए गए 'मनीला प्लान ऑफ एक्शन (2026-2036)' का समर्थन किया। यह योजना आने वाले 10 सालों के लिए देशों के बीच आपसी सहयोग का रास्ता तय करती है।
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