बेरुत , मई 27 -- दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना की भीषण बमबारी में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गयी है।
अप्रैल के मध्य में अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्ध विराम के प्रभावी होने के बाद से यह अब तक की सबसे भारी बमबारी मानी जा रही है। ये हवाई हमले बेका घाटी के मशघरा गांव, दक्षिणी शहर बुर्ज अल-शमाली और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करीब 900 साल पुराने मध्ययुगीन किले 'ब्यूफोर्ट कैसल' के आस-पास के इलाकों में किये गये हैं।
हवाई हमलों के अलावा इजरायल के थल सेना भी लेबनान के इलाके में काफी भीतर तक दाखिल हो रही है। इसके साथ ही दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के शहरों और गांवों को खाली करने के लिए कहा जा रहा है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अकेले मशघरा में मलबे से एक महिला और दो बच्चों समेत 11 शव निकाले गये हैं, जबकि 15 अन्य लोग घायल हुए हैं। सुरक्षित बचे लोगों में सात साल का मोहम्मद भी शामिल है, जो उस समय सो रहा था, जब एक मिसाइल ने उसके घर को तबाह कर दिया। इस हमले में मोहम्मद के पिता और उसकी दो बहनों की मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान के मशघरा और बुर्ज अल-शमाली को भी निशाना बनाया गया है।
सरकारी मीडिया ने कहा कि कुछ हमले ब्यूफोर्ट कैसल के करीब हुए हैं। यूनेस्को ने करीब 900 साल पुराने इस किले को इस इलाके में 'मध्ययुगीन किलों के सबसे सुरक्षित बचे हुए उदाहरणों में से एक' के रूप में मान्यता दी है।
ईरान युद्ध के 89वें दिन इजरायल के हमलों में काफी तेजी आयी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इजरायल युद्धक विमानों ने रातभर में दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है। इन हमलों में बच्चों समेत कम से कम 31 लोगों की जान चली गयी है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह पर सैन्य दबाव और बढ़ाने का संकल्प लिया है। उन्होंने अपनी सेना को हिजबुल्लाह को निशाना बनाने के लिए 'पूरी ताकत झोंकने' का निर्देश दिया है।
श्री नेतन्याहू ने कहा, "इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) जमीन पर बड़े दस्तों के साथ काम कर रहा है और रणनीतिक रूप से अहम इलाकों पर कब्जा कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि सेना उत्तरी इजरायल के रिहायशी इलाकों को हिजबुल्लाह के हमलों से बचाने के लिए 'सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत' कर रही है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में कहा कि इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में 'जमीन पर बड़े दस्तों के साथ काम कर रहे हैं' और 'सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत' कर रहे हैं।
कुछ ही दिन पहले श्री नेतन्याहू ने इजरायली हवाई रक्षा प्रणाली को चकमा देने में सक्षम फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन से हुए हमलों के बाद कमांडरों को ईरान-समर्थित लड़ाके समूह के खिलाफ 'पूरी ताकत झोंकने' का आदेश दिया था।
श्री नेतन्याहू ने मंगलवार को सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में कहा, "मेरे, रक्षा मंत्री और आईडीएफ के चीफ ऑफ स्टाफ के निर्देशानुसार, हम लेबनान में अपने अभियान को और तेज कर रहे हैं। आईडीएफ जमीन पर बड़े दस्तों के साथ काम कर रहा है और रणनीतिक रूप से अहम इलाकों पर कब्जा कर रहा है। हम उत्तर के रिहायशी इलाकों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि विस्फोटक ड्रोन से निपटने के लिए आईडीएफ नये और रचनात्मक समाधान तलाशने के वास्ते एक बड़े राष्ट्रीय प्रयास का नेतृत्व कर रहा है।
इजरायल के इन बढ़ते हमलों ने हिजबुल्लाह के गढ़ माने जाने वाले बेरुत के दक्षिणी उपनगरों में दहशत पैदा कर दी है, जहां इलाका छोड़कर भागते स्थानीय लोगों के कारण हजारों गाड़ियों से सड़कें जाम हो गयी हैं।
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