नयी दिल्ली , जून 02 -- मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगामी चार जून को केरल में दस्तक दे सकता है।

मानसून की प्रगति और देश भर के मौसम को लेकर विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून के अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसके प्रभाव से अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के प्रबल अनुमान है, जहां सात से 20 सेंटीमीटर तक पानी बरस सकता है। इसके अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

विभाग ने आगाह किया है कि इस सप्ताह के अधिकांश दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ मध्यम से गंभीर गरज-चमक और बारिश होने की अनुमान जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में लक्षद्वीप में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात क्षेत्र में भारी बारिश हुई। इसके साथ ही ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान और गुजरात में 70 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं।

उत्तराखंड और मराठवाड़ा में इन हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं दर्ज की गईं। इस दौरान राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में धूल भरी आंधी चली।

कल मध्य-पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, सौराष्ट्र, कच्छ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि देश के बाकी हिस्सों में यह 38 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही बना रहा। पिछले 24 घंटों में देश का सबसे अधिक तापमान तेलंगाना के आदिलाबाद में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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