रायपुर , जुलाई 19 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति ने तेंदूपत्ता विक्रय में 38 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य लघु वनोपज संघ की ऑनलाइन निविदा में समिति के तेंदूपत्ते को अधिकतम 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा का रिकॉर्ड मूल्य मिला है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई को आयोजित ऑनलाइन निविदा में गीदम समिति के तेंदूपत्ते की खेप 10,609 रुपये तथा 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से बिकी। यह समिति के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक विक्रय मूल्य है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पारदर्शी ऑनलाइन निविदा प्रणाली और बेहतर गुणवत्ता प्रबंधन का लाभ अब सीधे तेंदूपत्ता संग्राहकों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड कीमत मिलने से समिति को अतिरिक्त आय होगी, जिसका लाभ बोनस के रूप में समिति से जुड़े करीब चार हजार तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस, छात्रवृत्ति, बीमा तथा अन्य लघु वनोपज योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित किए जाने से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध हुई है।
श्री कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए मुख्य वन संरक्षक, दंतेवाड़ा वनमंडलाधिकारी, जिला लघु वनोपज सहकारी संघ, समिति के पदाधिकारियों, फड़ मुंशियों तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ाने और लघु वनोपज आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
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