चेन्नई , अक्टूबर 31 -- तमिलनाडु में थेनी जिला जेल से कैदियों के भागने की सनसनीखेज घटना के कुछ ही दिनों भीतर सुरक्षा में बड़ी चूक का एक और मामला सामने आया है।

न्यायिक हिरासत के बाद कोयंबटूर केंद्रीय जेल लाए गए एक कैदी के शुक्रवार रात परिसर से फरार होने के बाद तमिलनाडु में विपक्षी दलों ने विजय सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष ने कहा कि ऐसी घटनाएं अब आम बात हो गई हैं, जो राज्य में ढुलमुल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हैं।

फरार कैदी की पहचान कोयंबटूर जिले के अन्नूर निवासी राघवन के रूप में हुई है। उसे डकैती के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और अदालत के न्यायिक हिरासत का आदेश दिए जाने के बाद जेल लाया गया था।

कोयंबटूर केंद्रीय जेल में दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली है। पहले प्रवेश द्वार से दूसरे द्वार की ओर ले जाते समय जब पुलिस कर्मियों ने उसकी हथकड़ी हटाई, तो राघवन ने अचानक पुलिस कर्मियों को धक्का दिया और परिसर से भाग निकला। पुलिस ने बताया कि राघवन इससे पहले भी कर्नाटक पुलिस की हिरासत से भाग चुका था, जिसके बाद उसे ट्रैक कर गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। लापरवाही बरतने के आरोप में उसे एस्कॉर्ट कर रहे चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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