अगरतला , फरवरी 27 -- त्रिपुरा के कैबिनेट प्रवक्ता और परिवहन तथा पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा कि राज्य के मंत्रियों की परिषद ने केंद्र की 'नारी अदालत' योजना को 10 ग्राम पंचायतों में पायलट परियोजना के तौर पर लागू करने का फैसला किया है।

उल्लेखनीय है नारी अदालत योजना, जिसे सामजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था, पंचायत स्तर पर एक स्थानीय मध्यस्थता मंच के रूप में कार्य करने के लिए तैयार की गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों का समाधान करना और आवश्यक होने पर पुलिस हस्तक्षेप की सिफारिश करना है। हर नारी अदालत में नौ सदस्यों वाली एक समिति होगी, जो समुदाय में सम्मानित और प्रतिष्ठित माने जाते हों।

इस पायलट कार्यक्रम में सभी आठ जिलों की चुनी हुई पंचायतें शामिल होंगी, गांव-स्तर की अदालतें बनाई जाएंगी जो गलत व्यवहार या हिंसा का सामना कर रही महिलाओं के लिए एक मंच का काम करेंगी और उनके समुदायों में स्थानीय समाधान निकालने में मदद करेंगी।

इन पहलों के जरिए त्रिपुरा सरकार का मकसद शासन को बेहतर बनाना, महिलाओं को मजबूत बनाना और पूरे राज्य में छात्रों के लिए अधिक मौके की तलाश करना है।

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