अगरतला , अक्टूबर 13 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि सरकार उन सरकारी स्कूलों को बंद करने की संभावना पर विचार कर रही है, जहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम या न के बराबर है और उन्हें जहां तक संभव हो आवासीय संस्थानों में बदलने की योजना है।
शिक्षा विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि उन इलाकों में आवासीय स्कूल खोलने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जहां बच्चों को शिक्षा सुविधाओं तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर खास तौर पर त्रिपुरा आदिवासी स्वायत्त क्षेत्र जिला परिषद (एडीसी) के तहत आने वाले इलाकों में अमल करने के लिए विचार किया जा रहा है, जहां स्कूल तक पहुंच से जुड़ी समस्याएं ज़्यादा गंभीर हैं।
शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की सरकार की व्यापक रणनीति के तहत मुख्यमंत्री ने बताया कि कई एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों के लिए पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है। अभी 12 स्कूल चल रहे हैं, जबकि छह और स्कूलों के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के मौकों को प्रभावी ढंग से बढ़ाने के लिए बाकी संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। डॉ. साहा ने एडीसी इलाकों में मौजूद कुछ स्कूलों की कार्यक्षमता में कमी की ओर भी इशारा किया। इन संस्थानों में शिक्षक तो हैं, लेकिन खबरों के मुताबिक वहां छात्र बहुत कम हैं या बिल्कुल नहीं हैं।
इस समस्या को हल करने के लिए, प्रशासन ऐसे स्कूलों को बंद करने और उनकी जगह केंद्रीय रूप से स्थित आवासीय शिक्षा सुविधाएं शुरू करने पर विचार कर रहा है, खासकर उन इलाकों में जहां बच्चों को अपने सबसे करीबी स्कूल तक पहुंचने के लिए कम से कम एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव के लिए शुरुआती बातचीत और तैयारी का काम पहले ही शुरू हो चुका है और इस बात पर गौर करने की कोशिशें चल रही हैं कि वंचित समुदायों के फायदे के लिए इस सोच को असल में कैसे लागू किया जा सकता है।
पिछली सरकार की आलोचना करते हुए डॉ. साहा ने आरोप लगाया कि उसने विकास के असली लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के बजाय खुद के प्रचार-प्रसार और प्रचार अभियान पर ज़्यादा ध्यान दिया। इसके उलट, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दिखावटी छवि बनाने के बजाय ठोस प्रगति और जन कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित