नयी दिल्ली , अगस्त 07 -- त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) की ग्रामीण समितियों और शहरी स्थानीय निकायों के आगामी चुनावों के लिए अपनी राजनीतिक तैयारियों को तेज करते हुए पार्टी के यहां केंद्रीय मुख्यालय में कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित की।

पार्टी के मुताबिक बैठक में चुनावी रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों और त्रिपुरा के आदिवासी बहुल इलाकों में पार्टी की मौजूदगी को मजबूत करने पर गुरुवार की रात कई घंटों तक चर्चा चली।

बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, आदिवासी कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा, त्रिपुरा भाजपा के अध्यक्ष अभिषेक देब रॉय, राज्यसभा सांसद राजीव भट्टाचार्य, लोकसभा सांसद बिप्लब कुमार देब, पूर्व सांसद रेबती त्रिपुरा और प्रतिमा भौमिक के साथ-साथ भाजपा के केंद्रीय और राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि बूथ-स्तर के संगठन को मजबूत करने, चुनाव प्रचार की रणनीति को अंतिम रूप देने, आदिवासी इलाकों में पहुंच बढ़ाने और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से बातचीत हुई। साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात की समीक्षा और संभावित चुनावी स्थितियों का आकलन भी किया गया।

बैठक के बाद की चर्चा मुख्य रूप से भाजपा की गठबंधन रणनीति पर केंद्रित रही। इस बात पर गौर किया गया कि क्या पार्टी विधानसभा चुनावों की तरह ही एडीसी का ग्रामीण समिति चुनाव भी 'टिपरा मोथा' और 'त्रिपुरा का स्वदेशी जन मोर्चा' (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन करके लड़ेगी या कोई अलग चुनावी तरीका अपनाएगी। इस मामले पर हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई, जिससे अटकलें और तेज हो गईं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित