अगरतला , मई 23 -- त्रिपुरा के वन मंत्री अनिमेष देववर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार ने लकड़ी की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए वन कर्मियों के लिए 200 बंदूकें खरीदने की घोषणा की है।

श्री देववर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 167 वन रक्षकों की भर्ती करने की प्रक्रिया में है, जिन्हें वानिकी एवं बंदूक चलाने का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा। लकड़ी की तस्करी से निपटने के लिए विभाग द्वारा सख्त उपाय लागू किया जा रहा है और प्रवर्तन को मजबूत करने के लिए त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

त्रिपुरा में पहले से ही 60 प्रतिशत से अधिक हरित आवरण मौजूद होने के बावजूद, विभाग द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियानों और खराब हो चुकी भूमि के पुनर्स्थापन के माध्यम से वन आवरण को बढ़ाने को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

मंत्री द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, वृक्षारोपण गतिविधियों के उद्देश्य से जीआईएस मानचित्रण के माध्यम से प्रभावित वन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। इसके अलावा, बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाएं वन भूमि के पुनरुद्धार एवं वनों की कटाई की रोकथाम पर सक्रिय रूप से केंद्रित हैं।

मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं के संबंध में, मंत्री ने वन्यजीव संरक्षण एवं ग्रामीणों की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। मानव-हाथी संघर्ष के मुद्दे पर विशेष रूप से बोलते हुए श्री देववर्मा ने जानवरों के घटते आवासों एवं बढ़ते अंतर्संबंधों के कारण मनुष्यों और जानवरों दोनों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया।

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