अगरतला , अगस्त 31 -- त्रिपुरा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और माकपा के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विपक्षी दलों और उनके समर्थकों को निशाना बनाने के लिए धार्मिक तथा राष्ट्रवादी नारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा के भीतर राजनीतिक विरोध को लेकर गहराता डर साफ झलक रहा है।
अगरतला में माकपा के युवा संगठन 'डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया' (डीवाईएफआई) के एक रक्तदान शिविर को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने त्रिपुरा की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने 1980 के दशक के उत्तरार्ध और 1990 के दशक की शुरुआत के उस दौर से इसकी तुलना की, जब गंभीर राजनीतिक हिंसा और जातीय ध्रुवीकरण उग्रवाद में बदल गया था।
माकपा नेता ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, संविधान की रक्षा करने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, किसानों के अधिकारों की रक्षा करने और विभिन्न समुदायों के बीच जातीय एवं सांप्रदायिक सौहार्द को और सुदृढ़ करने पर वाम मोर्चे के जोर को दोहराया।
उन्होंने विपक्षी नेताओं, पार्टी कार्यालयों और घरों पर हमलों को जायज ठहराने के लिए राष्ट्रवादी और धार्मिक नारों का इस्तेमाल करने पर भाजपा की आलोचना की। उन्होंने हिंसा की घटनाओं से ऐसे पवित्र नारों को जोड़ने के औचित्य पर सवाल उठाये।
श्री चौधरी ने अगरतला में हुए हमलों का जिक्र करते हुए विरोधियों में खौफ पैदा करने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए राजनीतिक नारों के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर के नाम पर चंदा जुटाने में गड़बड़ियों पर सवाल उठाये और पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी तरह की राजनीतिक हिंसा या धमकियों के आगे न झुकें।
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