अगरतला , जून 12 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने शुक्रवार को नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बताया कि पिछले तीन वर्षों में त्रिपुरा में कामकाजी महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने इस बढ़ोतरी का श्रेय राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई खास पहलों को दिया।

त्रिपुरा के श्रम बल में महिलाओं का प्रतिशत 2022 में 37.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 45.9 प्रतिशत हो गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 4.96 लाख महिलाएं 55,676 स्वयं-सहायता समूहों से जुड़ी हैं और महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे व्यवसायों को समर्थन देने के लिए राज्य ने 'त्रिपुरा महिला उद्यमिता नीति 2025' शुरू की है। अब महिलाओं को उचित सुरक्षा एवं बचाव के उपायों के साथ रात्रि पाली में काम करने की अनुमति है।

उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह उद्यमिता, कौशल विकास एवं वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यबल में भागीदारी और आर्थिक गतिविधियों में उनकी हिस्सेदारी में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि त्रिपुरा में महिला श्रम बल भागीदारी दर 2022 में 37.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 45.9 प्रतिशत हो गई है जो चल रहे नीतिगत प्रयासों के असर को दर्शाता है।

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