अगरतला , मई 05 -- त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के एक पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ मामले में टिपरा मोथा के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सेपाहिजाला जिले के जम्पुइजला में नया राजनीतिक तनाव उत्पन्न हो गया है।

मोथा ने मंगलवार को क्षेत्र में सुबह से शाम तक आम हड़ताल की घोषणा की है। तकरजला का प्रतिनिधित्व करने वाले मोथा विधायक बिस्वजीत कोलोई और एमडीसी सूरज देबबर्मा इस घटना में गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, विवाद तीन मई को उस समय शुरू हुआ जब जम्पुइजला बाजार क्षेत्र से गुजर रही एक कथित विजय शोभायात्रा हिंसक हो गई। उपद्रवियों ने कथित रूप से भाजपा पार्टी कार्यालय पर हमला किया और उसमें तोड़फोड़ की। प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद वे स्थिति को नियंत्रण में लाने या नुकसान को रोकने में असमर्थ रहे।

यह मामला मुख्यमंत्री माणिक साहा तक पहुंच गया है जिन्होंने त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई के लिए सख्त आदेश दिए हैं। इसके परिणामस्वरूप, पुलिस ने विधायक और एमडीसी सहित 16 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जो सरकारी दबाव में निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं प्रमुख मोथा नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का एक दुर्लभ उदाहरण है।

जम्पुइजला एडीसी ग्राम अध्यक्ष रंजीत देबबर्मा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और सोमवार को उन्हें बिशालगढ़ अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

जम्पुइजला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मृणाल कांति रियांग को रविवार देर रात अशांति के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के कारण निलंबित कर दिया गया। गिरफ्तारियों और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोथा की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया मिल रही है।

उनके युवा संगठन, यूथ टिपरा फेडरेशन ने पुलिस की कठोर कार्रवाई और राजनीतिक उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को 12 घंटे के बंद का आयोजन किया है। इस हड़ताल के कारण दुकानें और सरकारी कार्यालय बंद हैं और इलाके में यातायात व्यापक रूप से बाधित हो गया है।

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