अगरतला , सितंबर 02 -- दक्षिण त्रिपुरा में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग 'चाइल्ड लाइन' और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से शांतिरबाजार इलाके के लक्ष्मीचेरा गाँव में एक नवजात शिशु को गोद देने के नाम पर गैर-कानूनी तरीके से सौंपने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।

पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक नवजात शिशु को एक दूसरे जोड़े को सौंपे जाने के दो दिन बाद बचाया गया और फिर जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने पेश किया गया। यह बच्चा 25 अगस्त को लक्ष्मीचेरा के हरेंद्र त्रिपुरा और मणिमाला त्रिपुरा के घर पैदा हुआ था।

आरोप है कि 31 अगस्त को बच्चे को पास के ही एक गाँव के जोड़े को कुछ लेन-देन के बदले सौंप दिया गया था। हालाँकि पैसे के लेन-देन के आरोप हैं, लेकिन इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि क्या असली माता-पिता को उस जोड़े से कोई पैसा मिला, जिसने कथित तौर पर नवजात को अपने संरक्षण लिया था।

कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई शुरुआती छापेमारी में बच्चे को नहीं बरामद नहीं जा सका क्योंकि अभियान देर रात को किया गया था। अगले दिन, माता-पिता को बैखोरा पुलिस स्टेशन बुलाया गया, जहाँ से नवजात को बरामद किया गया और बाद में चाइल्ड लाइन की देखरेख में रखा गया।

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