अगरतला , नवंबर 01 -- त्रिपुरा में वाम मोर्चे ने आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों पर विपक्ष के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है।
विपक्षी गठबंधन का आरोप है कि राज्य के कई कस्बों में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका जा रहा है। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, जिसमें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करना और केंद्रीय बलों की तैनाती शामिल है। उन्होंने एसईसी से एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
वाम मोर्चा के संयोजक माणिक डे ने एसईसी को लिखे एक पत्र में आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने जिरानिया, कमलपुर और मोहनपुर में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र जमा करने से रोक दिया है। नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर है। श्री डे ने बताया कि शुक्रवार को जिरानिया के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों के सदस्य शामिल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के एक प्रतिनिधि पर रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय जाते समय हमला किया गया और उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया।
वाम मोर्चा के संयोजक ने दावा किया कि शनिवार को जिरानिया में रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय तक पहुंचने के रास्ते को रोक दिया गया, ताकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल न कर सकें। उन्होंने इन घटनाओं को चुनावों में विपक्ष की भागीदारी को कमजोर करने की एक गंभीर कोशिश बताया। श्री डे ने बताया कि कमलपुर में, जो माकपा उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने के लिए पार्टी कार्यालय में इकट्ठा हुए थे, उन्हें घेर लिया गया और धमकी दी गई कि अगर वे रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने बाद में जब नामांकन दाखिल करने की कोशिश की, तो भाजपा समर्थकों ने उन पर शारीरिक हमला कर दिया, जिसमें माकपा के दो नेता घायल हो गए। मोहनपुर में वाम मोर्चा ने आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय तक जाने का रास्ता रोक दिया, ताकि माकपा उम्मीदवार अपना नामांकन जमा न कर सकें।
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