अगरतला , सितंबर 07 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और राज्य की मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना (सीएम-जेएवाई) के संयुक्त क्रियान्वयन से त्रिपुरा देश का ऐसा एकमात्र राज्य बन गया है, जहां पूरी आबादी को सार्वभौमिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल रहा है।

शहर के भाजपा बरजला मंडल के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डॉ. साहा ने रविवार को कहा कि आबादी के एक बड़े हिस्से को पीएम-जेएवाई के तहत स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जबकि इस योजना में शामिल नहीं लोगों को राज्य सरकार की सीएम-जेएवाई का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम-जेएवाई के तहत अब तक 307 करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किया गया है और सीएम-जेएवाई के तहत 50 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

डॉ साहा ने स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि अगरतला सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल को देश के चिकित्सा महाविद्यालयों में 131वां स्थान मिला है। त्रिपुरा में एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़कर 500 हो गई है और जल्द ही 50 और सीटें बढ़ने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि आकांक्षी जिला धलाई के अंबासा में बनने वाले नए चिकित्सा महाविद्यालय की क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 सीट करने पर निर्माण एजेंसी बंधन समूह विचार कर रहा है। इसके अलावा अगरतला में नए सिविल अस्पताल का उद्घाटन किया गया है तथा अगले शैक्षणिक सत्र से अगरतला और उदयपुर में होम्योपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय शुरू करने की योजना है।

डॉ साहा ने कहा कि त्रिपुरा की प्रगति पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है और राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में 360 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही नयी दिल्ली जाएंगे, जहां एक कार्यक्रम में त्रिपुरा के विकास की जानकारी साझा करेंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित