अगरतला , मार्च 24 -- त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने मंगलवार को सूचित किया कि पिछले तीन वर्षों में त्रिपुरा से अन्य राज्यों और विदेशों में 8.79 करोड़ रुपये मूल्य के जैविक उत्पादों का निर्यात किया गया है।
श्री नाथ ने मानव संसाधन और प्राकृतिक खेती के महत्व पर बल देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस क्षेत्र के विकास को लेकर काफी गंभीर हैं।
उन्होंने बताया कि जैविक खेती, जिसे प्राकृतिक खेती के रूप में भी जाना जाता है उसमें कीटनाशकों या रसायनों का इस्तेमाल नहीं होता है औऱ कोविड-19 महामारी के दौरान इसे अधिक मान्यता मिली है।
उन्होंने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्रिपुरा में 50,000 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती का विस्तार करने की सरकार की योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने 2016-17 वित्तीय वर्ष से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 'मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट' के तहत प्रदान की जाने वाली केंद्रीय सहायता का उल्लेख भी किया।
श्री नाथ ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में त्रिपुरा में जैविक खेती का विस्तार 2,000 हेक्टेयर से बढ़कर 26,500 हेक्टेयर हो गया है, जिसमें 26,884 किसान जैविक खेती से जुड़े हैं। त्रिपुरा में जैविक खेती के विस्तार से सुगंधित चावल, अनानास, बर्ड आई मिर्च, गंधराज नींबू, तिल, कटहल और संतरे सहित खेती की जाने वाली फसलों की विविधता में वृद्धि हुई है। उत्पादों के निर्यात के लिए राज्य के बाहर की कंपनियों के साथ साझेदारी भी स्थापित की गई है।
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