अगरतला , जून 09 -- त्रिपुरा ने अपनी मशहूर 'क्वीन' प्रजाति के अनानास की एक खेप मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना की।
त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने हरी झंडी दिखाकर इस खेप को रवाना किया। उन्होंने बताया कि देश-विदेश में भारी मांग के बावजूद लगभग एक टन वजन के करीब 1,000 क्वीन अनानास दिल्ली भेजे गये हैं। उन्होंने राज्य में अनानास की खेती बढ़ाने और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया।
वर्तमान में त्रिपुरा की तीखी छोटी मिर्च, अदरक, हल्दी और अनानास की मांग बाजार में तेजी से बढ़ी है। इस मांग को देखते हुए मंत्री ने केंद्र सरकार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही 234 करोड़ रुपये की एक परियोजना का जिक्र किया, जिसका उद्देश्य इन कृषि उत्पादों का विपणन और प्रसंस्करण करना है।
इसके साथ ही श्री नाथ ने घोषणा की कि त्रिपुरा आगामी 27 जून को दिल्ली में 'अंतरराष्ट्रीय अनानास दिवस' मनाएगा। उन्होंने कहा कि जमीन सीमित होने के बावजूद त्रिपुरा के किसान राज्य के जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
इस दौरान कृषि मंत्री ने जैविक उत्पादों के उत्पादन, विपणन और बाजार विस्तार को लेकर एक बड़ी समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आये जैविक किसानों और 'किसान उत्पादक संगठनों' (एफपीओ) के साथ बातचीत कर उनकी चुनौतियों और संभावनाओं को सुना।
श्री नाथ ने किसानों को कमाई और उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा में किसानों के संगठनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, साल 2018 से पहले जहां राज्य में सिर्फ दो एफपीओ थे, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 53 हो गयी है।
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