अगरतला , जून 01 -- केंद्रीय बिजली, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने त्रिपुरा के शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़े सहयोग की घोषणा की है। इसके तहत नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने के लिए 427 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जायेगा।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, बिजली मंत्री रतन लाल नाथ और बिजली तथा शहरी विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यहां एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में श्री खट्टर ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने डीसी नगर डंपिंग साइट पर अगरतला के लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इससे शहर में ठोस कचरा प्रबंधन में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
इस समीक्षा में स्वच्छता बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया गया। इसके तहत 20 जून तक लंबित आवश्यकताओं की पहचान करने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण की योजना बनायी गयी है। इसके बाद शेष स्वच्छता परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता जारी की जायेगी।
अपशिष्ट जल प्रबंधन के संबंध में श्री खट्टर ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में 11 नये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बारे में बताया कि इस साल दिसंबर तक उसके शुरू होने की उम्मीद है। शहरी स्वच्छता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अगरतला, धर्मनगर, मेलाघर और उदयपुर जैसे प्राथमिकता वाले शहरों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के प्रयासों में सुधार के लिए अतिरिक्त 27 करोड़ रुपये निर्धारित किये हैं।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा ने अर्बन चैलेंज प्रोजेक्ट्स फंड के तहत 1,200 करोड़ रुपये की शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का प्रस्ताव दिया है1 इसमें एक फंडिंग मॉडल शामिल है, जिसके तहत केंद्र और राज्य दोनों 300-300 करोड़ रुपये देंगे और शेष 600 करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों के माध्यम से जुटायेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में मंत्री ने राज्य के बिजली प्रदर्शन की समीक्षा की और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन पर चर्चा की। इसके तहत दिल्ली के अनुभवी विक्रेताओं की सहायता से मार्च 2027 तक पूरे त्रिपुरा में लगभग दो लाख रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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