अगरतला , अगस्त 11 -- त्रिपुरा के गोमती ज़िले के गोलमुरा के एक जोड़े को 'स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत पांच साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई गई।
दोषियों की पहचान शाहिद मियाह और परबीन बीबी के तौर पर हुई है। उन्हें दो साल पहले काकराबन पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस कानून की धारा 21(बी) और 25 के तहत दर्ज हेरोइन ज़ब्ती के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।
गोमती ज़िले के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों को पांच-पांच साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर उन्हें अतिरिक्त तीन महीने की कठोर कैद काटनी होगी।
एनडीपीएस एक्ट की धारा 25 के तहत अपराध के लिए, दोनों को फिर से पांच साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई गई। जुर्माना न भरने पर उन्हें एक महीने की साधारण कैद काटनी होगी। सज़ाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस को 31 दिसंबर, 2023 को हाद्रा गोलमुरा में शाहिद मियाह के घर पर हेरोइन रखने और बेचने की पक्की जानकारी मिली थी। तलाशी के दौरान, स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, लगभग आठ ग्राम हेरोइन वाली 434 शीशियां बरामद की गईं।
तलाशी के समय मौजूद परबीन बीबी को बाद में गिरफ़्तार कर लिया गया। जांच के दौरान, उसने कथित तौर पर बताया कि वह और उसका पति हेरोइन की अवैध बिक्री में शामिल थे। जांच के बाद जोड़े के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन पक्ष के सबूतों की जांच करने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया और एनडीपीएस कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत सज़ा सुनाई।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित