चेन्नई , मार्च 04 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने सोमवार को दक्षिण रेलवे के त्रिची मंडल का नाम हिंदी में रखने पर कड़ी आपत्ति जतायी और हिंदी थोपने के के लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की आलोचना की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दक्षिण रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के प्रवेश द्वार पर 'कर्तव्य द्वार' लिखा गया था। उन्होंने इसे हिंदी थोपने का एक कृत्य करार दिया।
श्री स्टालिन ने संबंधित भाषाओं में उचित शब्दों का उपयोग करने के बजाय तमिल और अंग्रेजी में भी हिंदी नाम लिखने की केंद्र की प्रथा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह हिंदी थोपने के अलावा और कुछ नहीं है। भाजपा सरकार हिंदी थोपने के अपने उन्माद में सभी सीमाएं पार कर रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि अंग्रेजी और तमिल में प्रदर्शित होने पर भी शब्द अनिवार्य रूप से हिंदी ही थे। उन्होंने इसे 'एक भाषा और तीन लीपियां' थोपने का कृत्य बताया।
इस कदम को 'शर्मनाक' बताते हुए श्री स्टालिन ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कार्यालय का नाम 'भविष्य निधि भवन' रखने और केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय का नाम बदलकर 'जल शक्ति मंत्रालय' करने के केंद्र के कृत्य की ओर भी इशारा किया। उन्होंने तीन आपराधिक कानूनों को संस्कृत नाम देने और मनरेगा योजना का नाम बदलकर 'वीबी-जी राम-जी' करने का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के कृत्य भाजपा के 'अहंकार' को दर्शाते हैं और तमिलों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का अहंकार और ज्यादतियां बढ़ती जा रही हैं। जो लोग हिंदी थोपने की कोशिश कर रहे हैं, तमिलों के स्वाभिमान को कम आंक रहे हैं और उसकी परीक्षा ले रहे हैं, उन्हें उचित सबक सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तमिल और अंग्रेजी नामों में भी हिंदी थोपने का प्रयास बंद होना चाहिए और तत्काल उचित तमिल समकक्ष नामों का उपयोग किया जाना चाहिए।
केंद्र को चेतावनी देते हुए श्री स्टालिन ने कहा कि जब तक इस मांग को पूरा नहीं किया जाता, केंद्र सरकार को तमिलनाडु के लोगों के कड़े विरोध और उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
इस बीच, द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्यसभा सांसद त्रिची एन शिवा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का ध्यान दक्षिण रेलवे के तिरुचिरापल्ली मंडल का नाम बदलकर हिंदी में 'कर्तव्य द्वार' करने के प्रस्ताव से उत्पन्न चिंताओं की ओर आकर्षित किया और इसे तत्काल रद्द करने का आग्रह किया।
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