भोपाल , अगस्त 22 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया है कि उसकी नीतियों के चलते त्यौहार के अवसर पर शक्कर की बढ़ती कीमतें आम जनता के त्यौहार को फीका कर रही हैं।

माकपा की शनिवार को जारी विज्ञप्ति में पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा है कि त्यौहार के अवसर पर शक्कर की कीमतों में हुई अकल्पनीय बढ़ोतरी से साफ है कि भाजपा को कारपोरेट घरानों की तिजोरियाँ भरने से मतलब है। इसीलिए वह राखी जैसे पवित्र त्यौहार के अवसर पर शक्कर की कीमतों में वृद्धि कर आम जनता के त्यौहार को फीका और खुशियों को छीन रही है।

उन्होंने कहा है कि जब सब तरफ से चेतावनियां मिल रही थी कि एथेनॉल से डीजल, पेट्रोल बनाने की कोशिश नए संकट पैदा करेगी। तब भाजपा के नेता एथेनॉल की वकालत कर रहे थे। यह वकालत तब हो रही थी, जब लोग अपने दोपहिया और चार पहिया वाहनों के खराब होने, एवरेज के कम हो जाने सहित कई तरह की शिकायतें कर रहे थे। जबकि भाजपा एथेनॉल का बचाव कर जनता से ज्यादा तेल कंपनियों और एथेनॉल उत्पादकों की तिजोरियाँ भरने को तरजीह दे रही थी।

श्री सिंह ने आरोप लगाया कि लाखों टन गन्ने को एथेनॉल उत्पादन में लगा देने का ही परिणाम है कि देश में शक्कर की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शक्कर का आयात करने की बात कर रही है। सरकार की नीयत साफ नहीं है, क्योंकि वह गन्ने से इथेनॉल बनाने पर रोक लगाने की बात नहीं कर रही है। जाहिर है कि इससे एथेनॉल उत्पादकों के मुनाफे सुरक्षित होंगे, जबकि आमजन के वाहन बर्बाद होते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि शक्कर आयात की प्रक्रिया अभी से शुरू होने के बाद भी देश में शक्कर आने में दो महीने से अधिक का समय लग सकता है, जिसका असर दिवाली जैसे त्यौहारों पर भी होगा।

उन्होंने कहा कि माकपा ने शक्कर की कीमतों को तुरंत पूर्व की स्थिति में लाने की मांग की है।

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