नयी दिल्ली , अगस्त 30 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को व्यापक जन आंदोलन बनाते हुए आने वाले त्योहारों के दौरान देश में बने सामान को महत्व देने का आग्रह किया और कहा है कि आत्मनिर्भर भारत का मार्ग स्वदेशी उत्पादों पर गर्व करने से ही प्रशस्त होगा।

श्री मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 137वीं कड़ी में कहा कि पर्व और त्योहार न केवल देश की परंपराओं का हिस्सा हैं, बल्कि ये त्योहार लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाये जाएंगे। विश्वकर्मा पूजा भी होगी और इस अवसर पर लोगों को अपने आसपास के कारीगरों, शिल्पकारों और विश्वकर्मा साथियों का सम्मान करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीपावली की तैयारियां भी धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और त्योहारों के इस मौसम में वह एक बार फिर देशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' को अपनाने का आग्रह करते हैं। 'वोकल फॉर लोकल' का अर्थ केवल मिट्टी के दीये खरीदना नहीं है, बल्कि इसका दृष्टिकोण बहुत व्यापक है। उन्होंने लोगों से अपने घर के लिए कोई भी सामान खरीदते समय यह देखने का आग्रह किया कि वह भारत में बना हुआ हो।

श्री मोदी ने कहा कि भारत के आत्मनिर्भर बनने का मार्ग देश में बनी वस्तुओं पर गर्व करने से ही प्रशस्त होगा और इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने रचनात्मक जगत से जुड़े लोगों, प्रभावशाली व्यक्तियों और चर्चित हस्तियों से भी 'वोकल फॉर लोकल' को अपनाने तथा दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में अनेक लोग अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। देशवासियों से ऐसे लोगों और उनके प्रेरणादायक प्रयासों के बारे में 'मन की बात' के लिए लिखने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि किसी का अनुभव देश के किसी दूसरे कोने में किसी व्यक्ति के लिए नयी प्रेरणा बन सकता है।

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