रायपुर , अक्टूबर 08 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक तेलीबांधा चौक का नाम बदलने को लेकर जारी अटकलों के बीच यह जानकारी सामने आई है कि फिलहाल चौक का नाम बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की योजना तेलीबांधा चौक का नाम बदलने के बजाय उसे 'सेवा ज्योति संकल्प चौक' की तर्ज पर विकसित करने की है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई औपचारिक सरकारी आदेश सामने नहीं आया है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प यात्रा और विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया था। राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की थी कि प्रदेश के 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक विकसित किए जाएंगे। उन्होंने रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इस योजना के तहत विकसित करने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद तेलीबांधा चौक का नाम बदलकर सेवा ज्योति संकल्प चौक किए जाने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इन चर्चाओं पर साहू समाज ने आपत्ति जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि तेलीबांधा चौक का नाम उनकी ऐतिहासिक पहचान, सामाजिक विरासत और पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसका नाम बदलना समाज की भावनाओं के विपरीत होगा।

इस विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री जी! आपको जिसका नाम बदलना है बदल लें। लेकिन अगर तेलीबांधा चौक का नाम बदला तो तेली समाज के साथ अन्याय होगा।"बघेल ने कहा कि तेलीबांधा केवल एक चौक का नाम नहीं, बल्कि साहू समाज की आस्था, पहचान, गौरव और पूर्वजों के स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि नाम परिवर्तन की चर्चाओं को लेकर समाज में नाराजगी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित