हैदराबाद , मार्च 04 -- तेलंगाना सरकार राज्य भर के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 46 लाख महिलाओं का स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार करेगी, जिसकी शुरूआत आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर होगी।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने बुधवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को छह मार्च से 12 जून तक 99 दिवसीय कार्य योजना लागू करने का निर्देश दिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के दौरान अस्पतालों में नियमित चिकित्सा सेवाएं बाधित न हों। ये पहल चार चरणों में संचालित की जाएंगी।

कार्यक्रम के तहत टी डायग्नोस्टिक्स के माध्यम से प्रत्येक महिला के 30 प्रकार के मेडिकल टेस्ट किए जाएंगे। यह स्क्रीनिंग चार चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसकी शुरुआत प्रत्येक जिले के पांच मंडलों से होगी, इसके बाद अन्य दस मंडल और बाद में शेष मंडलों में जांच की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को छह महीने के भीतर पूरी स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

पहले चरण (छह से 31 मार्च) में मातृ एवं शिशु देखभाल, किशोरियों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ स्कूलों और आंगनवाड़ियों में बच्चों की एनीमिया स्क्रीनिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

दूसरे चरण (एक से 15 अप्रैल) में उप-केंद्रों पर रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे, साथ ही जिला डे-केयर कैंसर केंद्रों में सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।

तीसरे चरण (16 अप्रैल से 15 मई) के दौरान, संक्रमण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों पर जोर दिया जाएगा, जिसमें तपेदिक (टीबी) के मामलों की पहचान और लू, डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों पर जागरूकता अभियान शामिल होंगे।

चौथे चरण (16 मई से 12 जून) में, जीएचएमसी, साइबराबाद और मेडचल में 145 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। गरीबों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए झुग्गी क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल कैंप भी आयोजित किए जाएंगे और खाद्य सुरक्षा तथा मिलावट पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित