हैदराबाद , अगस्त 16 -- तेलंगाना सरकार ने 'मुख्य शहरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था' (सीयूआरई) इलाके में पेट्रोल और डीजल से चलने वाले ऑटो-रिक्शा को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए 'तेलंगाना ऑटो-रिक्शा को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने की योजना-2026' को मंज़ूरी दे दी है।

यह जानकारी राज्य परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने दी है। उन्होंने बताया कि 'तेलंगाना राइजिंग विज़न-2047' के तहत शुरू की जा रही इस योजना में 18,766 पात्र ऑटो शामिल होंगे, जिनमें 11,254 डीजल और 7,512 पेट्रोल वाहन हैं। सरकार मौजूदा ऑटो में एआईएस -123 से मंज़ूरी प्राप्त इलेक्ट्रिक किट लगाने या नई फैक्ट्री-निर्मित इलेक्ट्रिक यात्री तिपहिया वाहन खरीदने के लिए 1.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देगी।

रेट्रोफिट विकल्प के तहत, लाभार्थी फिक्स्ड या स्वैपेबल बैटरी प्रणाली चुन सकते हैं, जो लोग नए इलेक्ट्रिक ऑटो चुनेंगे, उन्हें 1.50 लाख रुपये की फिक्स्ड सब्सिडी मिलेगी। अधिकृत डीलर इस रकम को वाहन की ऑन-रोड कीमत से पहले ही घटा देंगे। इस योजना का कुल बजट 200 करोड़ रुपये होगा, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति (एससी, एसटी) , पिछड़ा वर्ग (बीसी) और अल्पसंख्यक कल्याण विभागों में से प्रत्येक का 50 करोड़ रुपये का योगदान प्रस्तावित है। योजना के पारदर्शी कार्यान्वयन की निगरानी के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था होगी, जिसमें राज्य-स्तरीय समिति, योजना कार्यान्वयन समिति और ज़िला मंज़ूरी समिति शामिल होंगी।

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