हैदराबाद , अक्टूबर 19 -- तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को कहा कि तेलंगाना सरकार राजस्व प्रणाली को पुनर्गठित कर रही है ताकि पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें, किसानों के भूमि अधिकारों को सुरक्षित करते हुए लंबे समय से लंबित भूमि विवादों का समाधान किया जा सके।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर सचिवालय में राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक में मंत्री ने 'भू-भारती अधिनियम' के कार्यान्वयन, पट्टादार पासबुक के वितरण, भूमि के पुन: सर्वेक्षण और भूमि से जुड़े मुद्दों के समाधान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ज़मीनी स्तर के कार्यों में तेज़ी लाएं और सरकारी निर्णयों को प्रभावी तरीके से लागू करना सुनिश्चित करें।
मंत्री ने बताया कि 14 अप्रैल, 2025 को 'भू-भारती अधिनियम' लागू होने के बाद से 5,68,858 पट्टादार पासबुक जारी की गई हैं। विभाग के अनुसार, पहले जारी की गई 6,71,508 पासबुकों को मिलाकर, कुल संख्या 12,40,366 हो गई है। उन्होंने बताया कि महबूबाबाद जिले के नारायणपुरम गांव में दोबारा किए गए सर्वे की मदद से 906 किसानों को 1,600 एकड़ से अधिक जमीन के अधिकार दिए गए। सूर्यपेट जिले के नूतनाकल और मड्डिराला मंडलों के 15 गांवों में, 2,400 किसानों को 3,450 एकड़ जमीन के मालिकाना हक मिला।
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