हैदराबाद , सितंबर 11 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने अपने 32 महीने के कार्यकाल में फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,488 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
श्री रेड्डी ने कहा कि यह योजना केवल निर्धारित नियमों का पालन करने वाले वास्तविक और पात्र कॉलेजों तक ही सीमित रखी जाएगी। विधानसभा में शिक्षा पर हुई अल्पकालिक चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार 5,430 करोड़ रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति का बकाया छोड़ गयी थी। उन्होंने कहा कि बकाया राशि में से 1,410 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है और मौजूदा सरकार ने सत्ता संभालने के बाद 1,475 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली बीआरएस सरकार कई वर्षों तक फीस प्रतिपूर्ति का बकाया चुकाने में विफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि उसने कुछ चुनिंदा कॉलेजों की फीस का भुगतान किया, जबकि अन्य कॉलेजों को इससे बाहर रखा गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेजों के खिलाफ सतर्कता जांच का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया।
श्री रेड्डी ने कहा कि शुल्क प्रतिपूर्ति छात्रों के लिए है, कॉलेज प्रबंधन के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उन्हीं कॉलेजों को फीस प्रतिपूर्ति देगी, जिन्हें सतर्कता और प्रवर्तन संबंधी जांच में क्लीन चिट मिली हो तथा जिन्होंने केंद्र सरकार के निर्धारित नियमों का पालन किया हो, ताकि राज्य को केंद्र से धन प्राप्त करने में मदद मिल सके।
उन्होंने कुछ शैक्षणिक संस्थानों के वित्तीय लेनदेन पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद अधिकारियों को एक कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे राजनीतिक रूप से उन्हें गुमराह करने के प्रयासों में न आएं। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को फीस प्रतिपूर्ति मिले।
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