हैदराबाद , जुलाई 31 -- तेलंगाना के आबकारी, पर्यटन, संस्कृति और पुरातत्व मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश सरकार सफल अंतरराष्ट्रीय मॉडलों का अध्ययन करके वाइन टूरिज्म (शराब पर्यटन) को विकसित करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

श्री जुपल्ली ने अपनी अमेरिका की यात्रा के दौरान लीसबर्ग में 'स्टोन टॉवर वाइनरी' और वर्जीनिया के ऐशबर्न में एक और शराब बनाने के स्थान (वाइनरी) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने अंगूर के बागों के प्रबंधन, शराब बनाने की प्रक्रियाओं, पर्यटन को जोड़ने और मेहमाननवाज़ी के तरीकों का अध्ययन किया। उन्होंने आबकारी अधिकारियों के साथ अंगूर की खेती, फर्मेंटेशन (किण्वन), भंडारण , बॉटलिंग, गुणवत्ता मानकों और मार्केटिंग पर भी बातचीत की।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना में रंगा रेड्डी और विकाराबाद जिलों में अंगूर के बागों पर आधारित पर्यटन विकसित करने की क्षमता है और सरकार इस पहल को शुरू करने से पहले मौसम की स्थितियों, उपयुक्त जगहों और निवेश मॉडलों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि शराब पर्यटन से स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है, अंगूर किसानों को मदद मिल सकती है, निजी निवेश आ सकता है और पर्यटन का अनोखा अनुभव मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना पर्यटन नीति 2025-30 नए तरह के पर्यटन उत्पादों को विकसित करने पर केंद्रित है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में हुए तेलंगाना पर्यटन सम्मेलन में 15,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के पर्यटन निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिसमें राज्य का पहला वाइनयार्ड रिसॉर्ट भी शामिल है, जहाँ वाइनरी वॉकथ्रू और पारंपरिक तरीके से अंगूर को पैरों से कुचलने का अनुभव मिलेगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार इस यात्रा के दौरान सरकारी सचेतक येन्नेम श्रीनिवास रेड्डी और टंडूर के विधायक बुय्यानी मनोहर रेड्डी भी मंत्री के साथ थे।

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