हैदराबाद , जुलाई 28 -- तेलंगाना विधानसभा की 'सरकारी आश्वासनों से जुड़ी समिति', 'नियमों से जुड़ी समिति' और 'नैतिकता समिति' की पहली बैठकों में संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जवाबदेही और नैतिक आचरण पर विशेष जोर दिया गया।
तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार और विधायी मामलों के मंत्री दुड्डिला श्रीधर बाबू ने समितियों के अध्यक्षों, सदस्यों और विधानसभा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इन बैठकों में हिस्सा लिया।
अध्यक्ष ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में ये समितियां अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि 'सरकारी आश्वासनों से जुड़ी समिति' को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकार द्वारा सदन में किए गए वादों को पूरा किया जाए, जबकि 'नियमों से जुड़ी समिति' को विधानसभा के व्यवस्थित और कुशल कामकाज के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सदन की गरिमा बनाए रखने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए 'नैतिकता समिति' को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए। सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग तथा विधायी मामलों के मंत्री श्रीधर बाबू ने सुझाव दिया कि दूसरे राज्यों की विधानसभाओं के नियमों और बेहतरीन तौर-तरीकों को स्टडी टूर के जरिए समझकर और उन्हें शामिल करके विधानसभा के नियमों की एक नयी पुस्तक तैयार की जाए।
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