खम्मम , अप्रैल 09 -- तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने गुरुवार को कहा कि शिक्षा ही प्रगति का असली हथियार है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल शिक्षा ही बच्चों को सशक्त बना सकती है और एक समान व प्रगतिशील समाज का निर्माण कर सकती है।

श्री भट्टी ने यहाँ बोनाकल में 'अम्मा फाउंडेशन' की पहल के तहत सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को मुफ्त साइकिल वितरित करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार मानकर अपना भविष्य संवारना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त असमानताओं को केवल शिक्षा के माध्यम से ही समाप्त किया जा सकता है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कराए गए सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार और जाति सर्वेक्षण से स्पष्ट रूप से पता चला है कि विकास केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार दो जून से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 20 लाख छात्रों के लिए नाश्ता योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा भूखा स्कूल नहीं जाना चाहिए क्योंकि इसका असर सीखने की क्षमता पर पड़ता है।

श्री भट्टी ने कहा कि अगले शैक्षणिक वर्ष से इंटरमीडिएट के छात्रों को भी मुफ्त मध्याह्न भोजन की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा में हजारों करोड़ रुपये का निवेश कर रही है ताकि राज्य के हर बच्चे को उसकी इच्छानुसार पढ़ाई करने और गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन के रूप में विकसित होने का अवसर मिल सके।

प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए श्री भट्टी ने बताया कि सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ 100 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' का निर्माण शुरू कर दिया है। इनमें से प्रत्येक स्कूल को 20 से 25 एकड़ में 100 करोड़ रुपये के निवेश के साथ विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा, खेल बुनियादी ढांचा, डिजिटल लर्निंग टूल और शिक्षण व गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले शैक्षणिक वर्ष से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक 'तेलंगाना पब्लिक स्कूल' स्थापित किया जाएगा। 'सेमी-रेजिडेंशियल' मॉडल के तहत कुल 119 ऐसे स्कूल खोले जाएंगे। इन स्कूलों में मुफ्त परिवहन, नाश्ता, पोषण संबंधी पूरक आहार, मध्याह्न भोजन, डिजिटल शिक्षा, कंप्यूटर लैब और खेल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि ये स्कूल निजी स्कूलों से बेहतर होंगे।

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