हैदराबाद , अप्रैल 27 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को हैदराबाद स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में 'स्पंदना' रिस्पांस टीमों की शुरुआत की।

चौबीसों घंटे सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गयी यह पहल संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल प्रतिक्रिया और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा सहायता प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विकसित समाज का प्रमुख संकेतक है और राज्य की प्रगति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार न केवल समस्याओं के पैदा होने के बाद उनके समाधान के लिए, बल्कि उन्हें पहले ही रोकने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

मौजूदा पहलों पर उन्होंने कहा कि तेलंगाना पहले ही 'शी टीम्स' और 'स्टैंड विद हर' जैसे कार्यक्रम शुरू कर चुका है। 'स्पंदना' की शुरुआत महिला सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है।

श्री रेड्डी ने महिला सशक्तीकरण पर कहा कि महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता परिवारों और समाज के समग्र विकास में योगदान देती है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक अवसर प्रदान करने जैसे कई कल्याणकारी उपायों का उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने बढ़ते नशीली दवाओं के दुरुपयोग और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों के बीच जुड़ाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में 'शून्य सहनशील' नीति अपनायेगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ उनके कद की परवाह किए बिना सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पुनर्वास सुविधाओं के विस्तार और विशेष इकाइयों के माध्यम से कानून व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं। सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना को महिला सुरक्षा के पर्याय के रूप में विकसित किया जायेगा।

कार्यक्रम में मंत्री सीताक्का, तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शिवधर रेड्डी, हैदराबाद के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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