हैदराबाद , अगस्त 04 -- तेलंगाना के पशुपालन, डेयरी विकास, मत्स्य पालन मंत्री वकिटी श्रीहरि ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार मत्स्य पालन का विस्तार, सहकारी समितियों को सशक्त बनाने और बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से मछुआरों के कल्याण तथा मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्रियों के आवास परिसर में जिला मत्स्य सहकारी समितियों के अध्यक्षों और प्रोत्साहकों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री श्रीहरि ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 26,000 तालाबों और 100 जलाशयों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की योजना बना रही है तथा मछुआरों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मछुआरों को बीमा कवरेज, मोपेड और खुदरा दुकानें (रिटेल आउटलेट) प्रदान करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की जा रही है। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि जिला मत्स्य सहकारी समिति के अध्यक्षों की समस्याओं के समाधान के लिए हर तीन महीने में एक बार समीक्षा बैठक आयोजित की जायेगी।
श्री श्रीहरि ने कहा कि सरकार मुफ्त मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम जारी रखेगी और मछुआरों के बकाया भुगतान को चुकता करने के लिए विशेष प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्रों के पोषण स्तर में सुधार के लिए सरकार मध्याह्न भोजन योजना में मछली को शामिल करने पर भी विचार कर रही है।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि मत्स्य सहकारी समितियों में सदस्यता विवादों का समाधान जिला और गांव के स्तर पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के कोहेडा में निर्माणाधीन एकीकृत मछली बाजार के पूरा होने पर मछली की ऑनलाइन बिक्री और वितरण संभव हो सकेगा।
मछुआरा समुदाय के लिए सरकार के समर्थन पर श्री श्रीहरि ने कहा कि मछुआरों के लिए 1.34 करोड़ रुपये के बीमा दावों का निपटारा पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मत्स्य सहकारी समितियों के उठाये गये प्रोटोकॉल से संबंधित मुद्दों को उचित समाधान के लिए सरकार के सामने उठाया जायेगा।
सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि मछुआरों का कल्याण और आर्थिक सशक्तीकरण राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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