हैदराबाद , अप्रैल 14 -- तेलंगाना में भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्य सरकार ने एचएमडीए मैदान में 125 फुट ऊंची डॉ.अंबेडकर प्रतिमा के पास मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया।
उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और टीपीसीसी अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने संयुक्त रूप से इस विशाल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और इस अवसर को पूरी गरिमा और गर्व के साथ मनाया। इस कार्यक्रम के दौरान एक विशेष ब्रोशर भी जारी किया गया, जिसका उद्देश्य डॉ.अंबेडकर के आदर्शों को लोगों के और करीब लाना था।
इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें मंत्री पोन्नम प्रभाकर, जुपल्ली कृष्णा राव और वकिति श्रीहरि के साथ-साथ विधायक और अन्य जन प्रतिनिधि शामिल थे।
श्री भट्टी विक्रमार्क ने सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अंबेडकर को असाधारण बुद्धि वाले एक दूरदर्शी व्यक्ति करार दिया जिन्होंने संविधान के माध्यम से भारतीय लोकतंत्र की नींव रखी। उन्होंने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकारों को सुनिश्चित किया, और महिला सशक्तिकरण तथा श्रमिक कल्याण की वकालत करने में अग्रणी भूमिका निभाई।
उन्होंने डॉ.अंबेडकर के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए उल्लेख किया कि स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में अंबेडकर ने महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए 'हिंदू कोड बिल' पेश किया था और न्याय की खातिर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया। उन्होंने श्रमिकों के काम के घंटों को 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे करने तथा मातृत्व लाभ और श्रमिक कानूनों की वकालत करने का श्रेय भी अंबेडकर को दिया।
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