हैदराबाद , जून 01 -- तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एन. वी. एस. एस. प्रभाकर ने कांग्रेस सरकार पर पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार की 'भ्रष्ट और अनियमित प्रथाओं' को जारी रखने का आरोप लगाया और कहा कि इसके कारण राज्य एक गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है।
श्री प्रभाकर ने नामपल्ली स्थित राज्य पार्टी कार्यालय में ,सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार सिंचाई, बिजली, नगर प्रशासन और नागरिक आपूर्ति जैसे प्रमुख विभागों में की गई गलतियों को दोहरा रही है। उन्होंने सरकार पर अनाज खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि इससे बिचौलियों को किसानों का शोषण करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बेमौसम बारिश से खड़ी फसलों को होने वाले खतरे के बावजूद कथित तौर पर निष्क्रिय रहने के लिए भी राज्य सरकार की आलोचना की।
श्री प्रभाकर ने कहा कि तेलंगाना की बिजली वितरण कंपनियों पर 69,000 करोड़ रुपये से अधिक का संचित घाटा हो गया है। घरेलू, कृषि और औद्योगिक बिजली खपत का कोई सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। भाजपा नेता ने कांग्रेस और बीआरएस दोनों सरकारों पर 'पावर परचेज एग्रीमेंट्स' (पीपीए) का राजनीतिकरण करने और सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार नियुक्त करके सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार "इंदिरम्मा राजयम" स्थापित करने का दावा करने के बावजूद मुफ्त बिजली और शुल्क प्रतिपूर्ति जैसे कल्याणकारी उपायों को कमजोर कर रही है। उनके अनुसार, शुल्क प्रतिपूर्ति में देरी के कारण छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थान कथित तौर पर उनके प्रमाण पत्र रोक रहे हैं।
श्री प्रभाकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीआरएस दोनों ने मिलकर तेलंगाना को एक आर्थिक रूप से मजबूत राज्य से कर्ज में डूबे राज्य में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आने वाले दिनों में इन कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगी और किसानों तथा छात्रों के समर्थन में खड़ी होगी।
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