हैदराबाद , मई 26 -- तेलंगाना प्रजा नाट्य मंडली का चौथा राज्य सम्मेलन और प्रतिनिधिमंडल की बैठक मंगलवार को राजधानी हैदराबाद के बशीरबाग में देसोद्धारका भवन में बड़े जोशो-खरोश के साथ शुरू हुआ।

सम्मेलन का उद्घाटन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सहायक सचिव ईटी नरसिम्हा ने किया, जबकि टीजेएस अध्यक्ष और विधान पार्षद प्रोफेसर एम. कोडंडाराम बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

टीजेएस के अध्यक्ष और विधान पार्षद प्रोफेसर एम. कोडंडाराम ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कलाकारों को अपने सांस्कृतिक नजरिए को इस तरह से बनाना चाहिए जिससे समाज में जागृति आए और ज्ञान बढ़े। उन्होंने कहा कि सामाजिक आंदोलन तभी मजबूत होते हैं जब लोगों के मुद्दों की गहराई को कला और साहित्य के जरिए ठीक से समझा और दिखाया जाए।

उन्होंने क्रांतिकारी सांस्कृतिक आंदोलन के असर को याद करते हुए कवि गुडा अंजैया के लिखे लोकप्रिय गाने 'डोरा एंडिरो... डोरा पीकुडेन्डिरो' का जिक्र किया और कहा कि इसने एक समय में मजदूरों को सामंती जुल्म के खिलाफ प्रेरित और एकजुट किया था।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक कलाकार लोगों के अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं और युवा कलाकारों से पिछली पीढ़ियों के बलिदान और संघर्षों से प्रेरणा लेने की अपील की। श्री ईटी नरसिम्हा ने उद्घाटन भाषण देते हुए आरोप लगाया कि सांप्रदायिक ताकतें धार्मिक नफरत फैला रही हैं और कलाकारों से गीतों, साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए ऐसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करने को कहा। उन्होंने जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का असरदार तरीके से इस्तेमाल करने की जरूरत पर जोर दिया।

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