हैदराबाद , अगस्त 26 -- तेलंगाना को महिला स्वयं सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में किये गये प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
तेलंगाना को पीएमएफएमई योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के लिए सीड कैपिटल घटक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्यों में-प्रथम रनर-अप' पुरस्कार प्रदान किया गया।
एसईआरपी निदेशक (फार्म) एन. रजिता ने मंगलवार को नयी दिल्ली में आयोजित एमओएफपीआई-पीएमएफएमई राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से यह पुरस्कार प्राप्त किया।
पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री सीतक्का ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार राज्य सरकार के उन प्रयासों को मान्यता देता है, जिनके तहत महिला समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के लिए पूंजी एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि महिला समूहों, एसईआरपी अधिकारियों तथा जिला और क्षेत्रीय स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इन समूहों ने सीड कैपिटल का प्रभावी उपयोग उत्पादक आर्थिक गतिविधियों के लिए किया है।
सुश्री सीतक्का ने एसईआरपी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिव्या देवराज़न, एसईआरपी निदेशक (फार्म) एन. रजिता तथा योजना के क्रियान्वयन में शामिल सभी अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीएमएफएमई योजना को 'इंदिरा महिला शक्ति' पहल के साथ जोड़कर महिलाओं को उत्पादक, उद्यमी और कारोबारी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत महिलाओं को पूंजी, बाजार और अपने उद्यमों का विस्तार करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
सीड कैपिटल की सहायता से महिला स्वयं सहायता समूह कच्चा माल, मशीनरी, उपकरण और पैकेजिंग सामग्री खरीदने के साथ-साथ अपनी खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों का विस्तार कर सकते हैं।
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