हैदराबाद , सितंबर 11 -- तेलंगाना सरकार का मुख्य लक्ष्य राज्य को देश के शीर्ष पांच दूध उत्पादक राज्यों में शामिल करना है ओर सरकार इसके लिए दूध उत्पादन बढ़ाने, डेयरी किसानों को सशक्त बनाने और राज्य को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठा रही है।
तेलंगाना के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री वाकिति श्रीहरि ने शुक्रवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में राज्य में दूध का उत्पादन 59.35 लाख टन रहा, जो 2025-26 में बढ़कर 61.75 लाख टन पहुंचने का अनुमान है।
मंत्री श्रीहरि ने कहा कि विजया डेयरी के जरिए दूध के खरीद मूल्यों में 16 अगस्त 2026 से बढ़ोतरी की गई है। इसके तहत भैंस के दूध की कीमत 65.90 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध की कीमत 42.02 रुपये प्रति लीटर तय की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार दुधारू पशु वितरण योजना को फिर से शुरू करने की योजना बना रही है। मधीरा और कोडंगल निर्वाचन क्षेत्रों में सब्सिडी वाले चारे व रखरखाव के साथ पशु वितरण का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हैदराबाद शहर में प्रतिदिन 30 से 35 लाख लीटर दूध की आवश्यकता होती है, जबकि स्थानीय उत्पादन केवल 2.5 लाख लीटर है। मुख्य डेयरियां लगभग 23 लाख लीटर की आपूर्ति करती हैं और शेष मांग निजी आपूर्तिकर्ता करते हैं।
सरकार ने डेयरी कार्यक्रमों के लिए यूनियन बैंक और तेलंगाना बैंक के साथ समझौते किए हैं और गोकुल मिशन के तहत अमराबाद में पोदाथुरपु नस्ल प्रजनन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। साथ ही स्कूली बच्चों में पोषण सुधार के लिए 150 मिलीलीटर दूध प्रदान करने की योजना शुरू की गई है।
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