हैदराबाद , मई 21 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार अगले 10 वर्षों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार कर रही है, जिसमें साइबर अपराध पर अंकुश लगाने, नशीली दवाओं की समस्या से निपटने, पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को खत्म करने और कानून प्रवर्तन अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को राज्य भर में पुलिसिंग मानकों को उन्नत करने के उद्देश्य से एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।
श्री रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग को भविष्य में तेजी से बदलते अपराध पैटर्न के अनुरूप ढलने और उन्नत तकनीकों एवं ड्रोन आधारित पुलिसिंग प्रणालियों का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने और एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य-सहिष्णुता नीति को भी दोहराया।
बैठक में जिन प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा की गयी उनमें सभी पुलिस थानों में क्यूआर कोड आधारित शिकायत पंजीकरण प्रणाली शुरू करना शामिल था, ताकि जनता को पुलिस सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिल सके। खाद्य पदार्थों में मिलावट की बढ़ती घटनाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए एक सख्त नए कानून की कार्यप्रणाली तैयार करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में गश्त व्यवस्था को बेहतर बनाने, ग्राम स्तर पर पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने, आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधियों की नियमित समीक्षा करने और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के बुनियादी ढांचे को उन्नत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में राज्य में आईपीएस अधिकारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया और इनकी पर्याप्त तैनाती के लिए केंद्र सरकार से आग्रह किया गया।
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