हैदराबाद , अप्रैल 29 -- तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी. शिवधर रेड्डी ने बुधवार को चंचलगुडा स्थित राज्य सुधारात्मक प्रशासन संस्थान (एसआईसीए) में दिल्ली कारागार कर्मियों के लिए मूलभूत परिचय प्रशिक्षण कार्यक्रम (बेसिक इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम) का उद्घाटन किया। यह सुधारात्मक प्रशासन में अंतर-राज्यीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण के लिए वर्ष 2026 में दिल्ली कारागार के कुल 381 कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से नामांकित किया गया है। बुधवार से शुरू हुए पहले चरण के समूह में 62 प्रशिक्षु शामिल हैं, जिनमें दिल्ली कारागार के 61 कर्मी और तेलंगाना का एक वार्डर शामिल है। इस समूह में 18 सहायक अधीक्षक (15 पुरुष और 3 महिलाएं) तथा 43 मैट्रन/महिला वार्डर शामिल हैं। अंतर-क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करते हुए, इस पाठ्यक्रम के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक वार्डर के भी शामिल होने की संभावना है।
नौ माह का यह कार्यक्रम पेशेवर दक्षता, अनुशासन और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें कारागार प्रशासन के नियम, अपराध विज्ञान, पीड़ित विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, आपराधिक कानून, संवैधानिक मूल्य, मानवाधिकार और कारागार प्रशासन में तकनीक जैसे सैद्धांतिक विषयों के साथ-साथ शारीरिक प्रशिक्षण, बी.पी.आर. एंड डी. मानकों के अनुसार परेड, योग और ध्यान को शामिल किया गया है।
एसआईसीए का आधुनिक ढांचा जिसमें उन्नत कक्षाएं, वातानुकूलित सभागार, पुस्तकालय, लगभग 400 प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास की सुविधा, प्रशिक्षण मैदान, व्यायामशाला और भोजन की व्यवस्था शामिल है, इस कार्यक्रम में सहायक होगा।
श्री रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि कारागार सेवा केवल अभिरक्षा कर्तव्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि कैदियों के सुधार और उन्हें समाज में पुन: स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, सत्यनिष्ठा और पेशेवर कौशल बनाए रखने का आग्रह करते हुए कैदियों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करने और उनके परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
कारागार एवं सुधारात्मक सेवा महानिदेशक सौम्या मिश्रा ने इस अवसर पर संस्थागत प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मियों को भेजने का दिल्ली कारागार विभाग का निर्णय एसआईसीए के मानकों में उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने तिहाड़ जेल के कर्मियों के लिए एसआईसीए के पिछले प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य राष्ट्रीय स्तर की पहलों को भी याद किया, जो देश भर में सुधारात्मक प्रशिक्षण में इसकी बढ़ती भूमिका दर्शाते हैं।
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