हैदराबाद , जून 21 -- तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने तेलंगाना राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण, बैंकों, डिजिटल पेमेंट सेवा उपलब्धकर्ता और राज्य की पुलिस इकाइयों के साथ मिलकर, 20 जून को आयोजित लोक अदालत के ज़रिए साइबर धोखाधड़ी के 6,303 पीड़ितों को 45.21 करोड़ रुपये वापस दिलाने में मदद की।
टीजीसीएसबी की निदेशक शिखा गोयल के अनुसार, साइबराबाद 21.91 करोड़ रुपये के रिफंड के साथ सूची में सबसे ऊपर है जहां 2,232 पीड़ितों को लाभ हुआ, इसके बाद टीजीसीएसबी (77 पीड़ितों को 6.83 करोड़ रुपये), मलकाजगिरी (779 पीड़ितों को 4.04 करोड़ रुपये), हैदराबाद (755 पीड़ितों को 3.22 करोड़ रुपये) और सांगारेड्डी (167 पीड़ितों को 1.69 करोड़ रुपये) का स्थान रहा है।
टीजीसीएसबी ने पूरे तेलंगाना में लोक अदालतों के माध्यम से 59,953 साइबर अपराध पीड़ितों को 445.41 करोड़ रुपये वापस दिलाने में मदद की है। ब्यूरो ने कहा कि यह पहल पीड़ितों को नुकसान की भरपाई करने का एक मज़बूत प्रणाली बन चुकी है। इससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों, बैंकों और न्यायपालिका के बीच तालमेल के ज़रिए यूपीआई धोखाधड़ी, इन्वेस्टमेंट स्कैम, पहचान की चोरी और दूसरे साइबर अपराधों में गंवाए गए पैसे की तेज़ी से प्राप्ति हो पाती है।
वसूली के आंकड़े 2023 में 8.36 करोड़ रुपए, 2024 में 183.90 करोड़ रुपए, 2025 में 182.90 करोड़ रुपए और अब 2026 में 70.07 करोड़ रुपए रहे हैं। टीजीसीएसबी ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अनजान लोगों के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी शेयर न करें, संदिग्ध लिंक से बचें और पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ाने के लिए साइबर धोखाधड़ी की तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
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