नयी दिल्ली/हैदराबाद , जुलाई 03 -- तेलंगाना की पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री सीथक्का ने शुक्रवार को 16वें वित्त आयोग से आदिवासी, अनुसूचित क्षेत्र और पिछड़ी ग्राम पंचायतों के लिए विशेष छूट देने का आग्रह किया।
सुश्री सीथक्का ने केंद्रीय पंचायत राज मंत्री राजीव रंजन सिंह की अध्यक्षता में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए सिफारिशों पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा वितरण, स्वच्छता, पारदर्शिता, डिजिटल गवर्नेंस और जनभागीदारी को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कम राजस्व क्षमता और बड़ी संख्या में आदिवासी और अनुसूचित जाति की आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए अनुदान पात्रता में लचीलापन लाने की मांग की। मंत्री ने तेलंगाना की उन 62 ग्राम पंचायतों के लिए भी केंद्र से लगातार धन देने का अनुरोध किया, जहां अदालती मामलों के कारण चुनाव में देरी हुई है। उन्होंने ऐसी असाधारण परिस्थितियों में विकास कार्यों के नहीं रुकने की बात कही।
उन्होंने केंद्र से बिना किसी शर्त के बुनियादी अनुदान जारी रखने, दूर-दराज के गांवों में डिजिटल अवसंरचना, कर्मचारियों की नियुक्ति और इंटरनेट संपर्क को मजबूत करने का आग्रह किया और अनुसूचित क्षेत्रों, पिछड़े जिलों तथा भौगोलिक रूप से कठिन इलाकों के लिए धन आवंटन में अधिक महत्व देने की बात कही।
सुश्री सीथक्का ने सहकारी संघवाद पर जोर देते हुए कहा कि एक मजबूत भारत के निर्माण के लिए आर्थिक रूप से सशक्त राज्यों के समर्थन वाली मजबूत ग्राम पंचायतें आवश्यक हैं।
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