हैदराबाद , जुलाई 26 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एक नया राष्ट्रीय नारा "जय जवान - जय किसान - जय युवा" दिया है और केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन करके लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल करने की अपील की है।

हैदराबाद में राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा देश के भविष्य की नींव हैं और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पहले से ही 21 साल की उम्र में आईएएस और आईपीएस अधिकारी के तौर पर सेवा दे रहे हैं, स्थानीय निकायों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और वैश्विक संगठनों का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए वे संसद और राज्य विधानसभाओं में भी प्रतिनिधित्व के हकदार हैं।

सीबीएसई,नीट और एनईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से जुड़े हालिया विवादों का ज़िक्र करते हुए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से छात्रों के हितों की रक्षा करने, विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा करने और प्रभावित परिवारों की मदद करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 61वें संविधान संशोधन के ज़रिए वोटिंग की उम्र 21 से घटाकर 18 साल कर दी गई थी और 73वें व 74वें संविधान संशोधन के ज़रिए स्थानीय निकाय चुनावों में लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल तय की गई थी। इसी तर्ज पर, उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र घटाकर 21 साल करने और राज्यसभा व विधान परिषद चुनावों के लिए उम्र 30 साल से घटाकर 25 साल करने का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने घोषणा की कि इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के लिए अगस्त में तेलंगाना विधानसभा और विधान परिषद का संयुक्त सत्र बुलाया जाएगा।

सभी राजनीतिक दलों की राय लेने के बाद, राज्य सरकार एक प्रस्ताव पारित करेगी और उसे विचार के लिए केंद्र को भेजेगी।

रेवंत रेड्डी ने यह भी सुझाव दिया कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, संसदीय सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं के लिए आरक्षण जैसे मुद्दों के साथ विचार करे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के लोकतंत्र को मज़बूत करने और देश का भविष्य संवारने के लिए युवाओं की ज़्यादा भागीदारी ज़रूरी है।

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