हैदराबाद , जून 18 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री थुम्माला नागेश्वर राव ने मौसम के बदलावों के कारण तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कम बारिश होने के पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए गुरुवार को किसानों को सलाह दी कि वे पहली बारिश होते ही बुवाई करने की जल्दबाजी न करें।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए किसानों से अपील की कि वे कृषि विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अपने स्थानीय क्षेत्रों में बारिश के हालात को अच्छी तरह परख कर ही बुवाई शुरू करें।

श्री राव ने समझाया कि पौधों के सही तरीके से उगने और फसल के बेहतर विकास के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी होना बहुत ज़रूरी है, जो कम से कम दो बार अच्छी बारिश होने के बाद ही संभव है।

इसके साथ ही, कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार की तरफ से खाद की आपूर्ति में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि तेलंगाना को पिछले दो सालों से उसके तय कोटे के बराबर भी खाद नहीं मिली है।

श्री राव ने बताया कि राज्य को इस समय करीब छह लाख टन यूरिया और अन्य रासायनिक खादों की जरूरत है, लेकिन केंद्र से मिलने वाली आपूर्ति मांग के मुकाबले बहुत कम है। इस कमी को दूर करने के लिए राज्य के मंत्रियों का एक दल जल्द ही नयी दिल्ली जाएगा और केंद्र सरकार के सामने खाद के आवंटन तथा फसल खरीद का मुद्दा उठाएगा।

ओडिशा के कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि वह भारतीय खाद्य निगम और भारतीय कपास निगम जैसी अपनी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीद की अपनी जिम्मेदारी को पूरा करे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने करीब 15 लाख मीट्रिक टन मक्के सहित रिकॉर्ड मात्रा में फसलों की खरीद की है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक नया राज्य फसल खरीद का यह पूरा आर्थिक बोझ अकेले कब तक उठा सकता है।

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