पटना , जुलाई 27 -- रकारी कर्मचारियों के खिलाफ बल प्रयोग कर उनके कार्यों में बाधा पहुंचाने एवं हत्या का प्रयास करने के आरोप में जेल में बंद जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद बिहार की राजधानी पटना की एक अदालत ने सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पटना की अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरती उपाध्याय की अदालत में तेज प्रताप यादव की ओर से बहस करते हुए उनके वकील ने अपने मुवक्किल को निर्दोष बताया और उन्हें नियमित जमानत पर मुक्त किए जाने की प्रार्थना की । सरकारी वकील ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया ।
गौरतलब है कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होकर सरकारी कर्मचारियों के कार्यो में बल प्रयोग कर बाधा डालने और हत्या का प्रयास करने के आरोप में एक मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस संबंध में गांधी मैदान थाने में पटना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 121(1), 121( 2 ) और 132 के तहत कांड संख्या 400/2026 दर्ज किया है।
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