जयपुर , सितम्बर 20 -- राजस्थान में राजस्थान उच्च न्यायालय ने कुचेरा नगर पालिका से जुड़े मामले में पार्षद तेजपाल मिर्धा को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की विशेष पीठ ने रविवार को विशेष सुनवाई में यह आदेश जारी किया। श्री मिर्धा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में मामला दर्ज है। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके तत्काल संरक्षण की मांग की थी। याचिका में नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए भी समय दिए जाने का अनुरोध किया गया था।
मामले की तात्कालिकता को देखते हुए उच्च न्यायालय में रविवार को विशेष सुनवाई आयोजित की गयी। श्री मिर्धा की ओर से अधिवक्ता रामावतार चौधरी एवं सहयोगी अधिवक्ता सुमेर सिंह गौर ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।
बताया गया है कि एसीबी में दर्ज मामले के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की कार्रवाई की आशंका के बीच मिर्धा ने अदालत का रुख किया था। यह मामला कुचेरा नगर पालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव से भी जुड़ा हुआ है।
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