भरतपुर , अगस्त 08 -- राजस्थान में सवाईमाधोपुर जिले के फलौदी गांव में तेंदुए के हमले सेउच्च दुग्ध क्षमता वाली मुर्रा नस्ल की भैंस की पांच दिन की नवजात पाड़ी की मौत के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए शनिवार को पीड़ित के घर के पास पिंजरा लगाया है।
वन विभाग के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि गुरुवार अर्धरात्रि के बाद तेंदुए ने पीड़ित पशुपालक रमजानी अली (पप्पू) के घर में घुसकर पाड़ी पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। उसकी शुक्रवार देर शाम मौत हो गयी। पीड़ित ने बताया कि नवजात पाड़ी का नाम 'रानी' रखा था। परिवार को 'रानी' से भविष्य में अच्छी नस्ल और आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन तेंदुए के हमले से उनकी उम्मीदें टूट गयीं।
उल्लेखनीय है कि टोडरा उपतहसील के फलौदी क्षेत्र में पिछले करीब 120 दिनों में तेंदुए के हमले और शिकार की यह 50वीं घटना है। इस दौरान तेंदुए कई बकरियों, गायों, बछड़ों और अन्य पालतू पशुओं का शिकार कर चुके हैं। इसके अलावा हाल ही में तेंदुए के हमले में घायल 75 वर्षीय वृद्धा लीलादेवी की शुक्रवार को उपचार के दौरान जयपुर में मौत होने से ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं। उन्होंने वन विभाग से हमलावर तेंदुए को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने और प्रभावित पशुपालक को शीघ्र उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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